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भरोसा अपनी मेहनत पर, न कुछ अपनी लियाकत पर
मुझे विश्वास है केवल, प्रभु की नज़रे रहमत पर
ना कछु किया न कर सका, न करने जोग शरीर
जो कछु किया साहिब किया, जाते भया कबीर
उमा दारू जोतिष की न्याईं
सबहिं नचावहिं राम गोसाईं
हम अपने मस्तिष्क अथवा शारीरिक बल से समाज का कल्याण करेगे ये धारणा ठीक नही! 26-3-99 को मन थोड़ा बेचैन था! अशोक आया कहने लगा-पटौदी चलना हैं?
पटौदी पहूंचा, तो संगत कहने लगी ‘सत्संग कर जाओ’ आकस्मिक सत्संग का आयोजन हो गया अनायास,बिन प्रयास, ईशानुग्रह हो गया खास!
फिर तो लगा वाकई हम तो कठपुतलिया मात्र है, नचाने वाली शक्ती जैसे नचाना चाहती है,नचाती है! हमारा क्षुद्र अहंकार कुछ नही कर पाता!
तन,मन,धन तीन ही शक्तिया है मनुष्य के पास और ये तीनो ही ईश्वर की प्रदान की हुई है! तो हम अहंकार किसका करें?
हमे तो सदैव प्रभु का धन्यवाद ही करना है!
अगला रूहानी पाठ-
भरोसा अपनी मेहनत पर, न कुछ अपनी लियाकत पर
मुझे विश्वास है केवल, प्रभु की नज़रे रहमत पर
ना कछु किया न कर सका, न करने जोग शरीर
जो कछु किया साहिब किया, जाते भया कबीर
उमा दारू जोतिष की न्याईं
सबहिं नचावहिं राम गोसाईं
हम अपने मस्तिष्क अथवा शारीरिक बल से समाज का कल्याण करेगे ये धारणा ठीक नही! 26-3-99 को मन थोड़ा बेचैन था! अशोक आया कहने लगा-पटौदी चलना हैं?
पटौदी पहूंचा, तो संगत कहने लगी ‘सत्संग कर जाओ’ आकस्मिक सत्संग का आयोजन हो गया अनायास,बिन प्रयास, ईशानुग्रह हो गया खास!
फिर तो लगा वाकई हम तो कठपुतलिया मात्र है, नचाने वाली शक्ती जैसे नचाना चाहती है,नचाती है! हमारा क्षुद्र अहंकार कुछ नही कर पाता!
तन,मन,धन तीन ही शक्तिया है मनुष्य के पास और ये तीनो ही ईश्वर की प्रदान की हुई है! तो हम अहंकार किसका करें?
हमे तो सदैव प्रभु का धन्यवाद ही करना है!
अगला रूहानी पाठ-
